उनियारा में दिव्यांगों को स्कूटी वितरण, चेहरों पर दिखी खुशी टोंक के उनियारा में दिव्यांगों को स्कूटी की सौगात, मंत्री ने बांटी 88 स्कूटियां—सरकार की योजनाओं से बढ़ रही आत्मनिर्भरता
Friday, 27 Mar 2026 02:30 am

Golden Hind News

राजस्थान : टोंक के उनियारा में दिव्यांगों को स्कूटी की सौगात, मंत्री ने बांटी 88 स्कूटियां—सरकार की योजनाओं से बढ़ रही आत्मनिर्भरता

राजस्थान सरकार द्वारा दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में टोंक जिले के उनियारा में आयोजित एक कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को स्कूटी वितरण किया गया। स्कूटी मिलने के बाद लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। यह पहल न केवल उनकी दैनिक जरूरतों को आसान बनाएगी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित होगी।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि राज्य सरकार ने दिव्यांगजनों के जीवन को सरल बनाने के लिए विभिन्न बजटों में स्कूटी वितरण की योजना लागू की है। पहले बजट में 2 हजार, दूसरे में 2 हजार 500 और तीसरे बजट में भी 2 हजार 500 स्कूटियों के वितरण का निर्णय लिया गया है। इससे हजारों दिव्यांगजनों को आवागमन में सुविधा मिल रही है।

कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि स्थानीय विधायक राजेन्द्र गुर्जर के विधायक कोष से 1 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 88 स्कूटियों का वितरण किया गया। यह पहल क्षेत्र के दिव्यांगजनों के लिए एक बड़ी राहत है। मंत्री ने कहा कि यह कदम दर्शाता है कि जनप्रतिनिधि आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशील हैं।

मंत्री ने दिव्यांगजनों के लिए सरकार की अन्य योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता होने पर यूडीआईडी कार्ड बनाया जाता है, जिसके लिए स्वावलंबन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा, 1 अप्रैल से राज्य सरकार दिव्यांगजनों को 1450 रुपये प्रतिमाह पेंशन देगी। जिन व्यक्तियों की दिव्यांगता 100 प्रतिशत से अधिक है, उन्हें अतिरिक्त 1000 रुपये की सहायता भी प्रदान की जाएगी।

सरकार द्वारा दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने की भी योजना चलाई जा रही है। इसके तहत 20 हजार रुपये तक के कृत्रिम अंग मुफ्त उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके लिए राज्यभर में विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां जरूरतमंद लोगों की पहचान कर उन्हें लाभ दिया जाता है।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि यदि एक ही परिवार में दो सदस्य दिव्यांग हैं, तो उन्हें “आस्था कार्ड” जारी किया जाता है, जिससे उन्हें बीपीएल श्रेणी की सुविधाएं मिलती हैं। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही है।

स्थानीय विधायक राजेन्द्र गुर्जर ने कहा कि जनता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और वे हर समस्या के समाधान के लिए तत्पर रहते हैं। उन्होंने क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर भी कई घोषणाएं कीं। राजकीय सरदार उच्च माध्यमिक विद्यालय में टीनशेड निर्माण और अन्य कार्यों के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा की गई।

इस कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष चन्द्रवीर सिंह चौहान सहित कई अधिकारी और बड़ी संख्या में दिव्यांगजन एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल लाभ वितरण था, बल्कि समाज में दिव्यांगजनों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी था।

यह पहल राज्य सरकार के समावेशी विकास के दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिसमें हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने का प्रयास किया जा रहा है। स्कूटी वितरण जैसी योजनाएं दिव्यांगजनों को नई उम्मीद और आत्मविश्वास देती हैं, जिससे वे समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।