
राजस्थान में विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में ‘मुख्यमंत्री विकसित ग्राम, शहरी वार्ड अभियान’ शुरू किया गया है। यह अभियान 19 मार्च से प्रारंभ होकर 15 मई 2026 तक संचालित होगा। इसका मुख्य लक्ष्य ‘विकसित राजस्थान @2047’ के विजन को साकार करना है।
अभियान के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक तैयारी की गई है। बीडीओ, पटवारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी, राजीविका और अन्य फील्ड कार्मिकों को पहले ही प्रशिक्षण दिया गया, ताकि वे विजन 2047 के अनुरूप योजनाओं को धरातल पर उतार सकें।
जिले में सीईओ जिला परिषद को नोडल अधिकारी तथा पंचायत समिति स्तर पर एसडीएम और बीडीओ को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रत्येक 4-5 ग्राम पंचायतों के समूह पर क्लस्टर प्रभारी भी नियुक्त किए गए हैं।
अभियान के दौरान ग्राम सभा और वार्ड सभा में आमजन से सुझाव लिए जाएंगे, जिन्हें पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इन्हीं सुझावों के आधार पर ग्राम पंचायतों और वार्डों का मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा।
30 अप्रैल 2026 तक द्वितीय चरण की ग्राम सभाएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें एसडीएम, तहसीलदार और अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे। इन बैठकों में वर्ष 2030 (अल्पकालीन), 2035 (मध्यकालीन) और 2047 (दीर्घकालीन) विकास योजनाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।
‘मुख्यमंत्री विकसित शहर अभियान’ के तहत सभी शहरी निकायों में वार्ड सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इन बैठकों के जरिए स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
यह कार्य राजस्थान इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफोर्मेशन एंड इनोवेशन (RITI) के माध्यम से किया जाएगा, जिससे जिला स्तर तक योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित हो सके।
यह अभियान नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन के अनुरूप है। इसका उद्देश्य गांव और शहर दोनों क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना, बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘विकसित राजस्थान @2047’ के तहत राज्य की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2028-29 तक 350 बिलियन डॉलर (करीब 30.28 लाख करोड़ रुपए) तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
इसके साथ ही कृषि, औद्योगिक निवेश, हरित ऊर्जा, पर्यटन और डिजिटल गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में तेजी से विकास करने का संकल्प लिया गया है।
इस अभियान की खास बात यह है कि इसमें ‘बॉटम-अप’ दृष्टिकोण अपनाया गया है, यानी विकास योजनाएं सीधे जनता के सुझावों के आधार पर तैयार की जाएंगी। इससे योजनाओं का लाभ सीधे आमजन तक पहुंचेगा और विकास अधिक प्रभावी होगा।