नवरात्रि के बीच मछली के साथ BJP नेताओं का चुनाव प्रचार वीडियो वायरल, ‘जय श्रीराम’ के नारे चर्चा में। हाथ में मछली लेकर ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाते BJP नेता, नवरात्रि में बंगाल चुनाव प्रचार का अनोखा अंदाज वायरल
Monday, 23 Mar 2026 02:30 am

Golden Hind News

कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है। सभी राजनीतिक दल अपने-अपने तरीके से मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कुछ नेताओं का एक अनोखा चुनाव प्रचार तरीका चर्चा का विषय बन गया है। नवरात्रि के दौरान हाथ में मछली लेकर ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाते हुए प्रचार करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

दरअसल, सामने आए वीडियो में कुछ BJP नेता गले में पार्टी का पट्टा डाले हुए नजर आ रहे हैं और चुनाव प्रचार के दौरान जोश के साथ नारेबाजी कर रहे हैं। इस दौरान एक नेता के हाथ में मछली भी साफ दिखाई दे रही है। वीडियो में ‘जय श्रीराम’, ‘भारत माता की जय’ और ‘जय बीजेपी’ जैसे नारे गूंजते सुनाई दे रहे हैं। यह दृश्य लोगों के बीच कौतूहल और बहस दोनों का कारण बन गया है।

पश्चिम बंगाल की राजनीति में मछली केवल एक खाद्य पदार्थ नहीं, बल्कि यहां की सांस्कृतिक पहचान का भी अहम हिस्सा है। राज्य के अधिकांश लोग मछली का सेवन करते हैं और यह उनकी दैनिक जीवनशैली में शामिल है। ऐसे में चुनाव प्रचार के दौरान मछली का इस्तेमाल स्थानीय संस्कृति से जुड़ाव दिखाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि BJP इस माध्यम से बंगाल के मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने और खुद को स्थानीय परंपराओं के करीब दिखाने की कोशिश कर रही है।

हालांकि, यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह पूरा घटनाक्रम नवरात्रि के दौरान सामने आया है। नवरात्रि को हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक महत्व का समय माना जाता है, जब कई लोग व्रत रखते हैं और मांसाहार से परहेज करते हैं। ऐसे में हाथ में मछली लेकर प्रचार करने को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे राजनीतिक रणनीति बता रहे हैं, तो कुछ इसे धार्मिक भावनाओं से जोड़कर सवाल उठा रहे हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है। कई यूजर्स इसे ‘नया चुनावी प्रयोग’ बता रहे हैं, तो कुछ इसे ‘संस्कृति और राजनीति का मिश्रण’ कहकर टिप्पणी कर रहे हैं। वहीं, विरोधी दलों के समर्थक भी इस मुद्दे को लेकर BJP पर निशाना साधते नजर आ रहे हैं।

चुनावी रणनीति के लिहाज से देखा जाए तो पश्चिम बंगाल हमेशा से ही सांस्कृतिक विविधता और स्थानीय परंपराओं के लिए जाना जाता है। यहां चुनाव केवल राजनीतिक मुद्दों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक प्रतीकों का भी महत्वपूर्ण रोल होता है। ऐसे में BJP द्वारा अपनाया गया यह तरीका एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिसका उद्देश्य स्थानीय मतदाताओं के साथ भावनात्मक जुड़ाव स्थापित करना है।

फिलहाल, यह वीडियो चुनावी माहौल में एक नई बहस को जन्म दे चुका है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस तरह के अनोखे प्रचार का मतदाताओं पर कितना असर पड़ता है और क्या यह रणनीति BJP को चुनावी मैदान में कोई बढ़त दिला पाएगी या नहीं।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे इस तरह के नए और अलग-अलग प्रचार तरीके सामने आने की संभावना और भी बढ़ गई है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आखिरकार जनता इन प्रयासों को किस नजरिए से देखती है और चुनावी नतीजों में इसका क्या प्रभाव पड़ता है।