
कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री योगी ने मंदिर पहुंचने के दौरान रास्ते में बंदरों को अपने हाथों से खाना खिलाया। इस प्रसंग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बंदरों की तरह लोभ से बचना भी एक प्रकार की साधना है और मनुष्य को लालच छोड़कर दूसरों की मदद करने की भावना रखनी चाहिए।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जौहर राजस्थान की परंपरा का तेज है, जिसने वीरांगनाओं के आत्मसम्मान और बलिदान की गौरवगाथा को अमर कर दिया। उन्होंने कहा कि इतिहास में मेवाड़ और चित्तौड़गढ़ की वीरांगनाओं ने सम्मान की रक्षा के लिए जौहर कर अद्भुत साहस का परिचय दिया।
उन्होंने कहा कि यह परंपरा राजस्थान की वीरता, त्याग और सांस्कृतिक शक्ति का प्रतीक है, जिसने पूरे देश को प्रेरणा दी है।
मुख्यमंत्री योगी ने सिरे मंदिर की वास्तुकला और बारीक कारीगरी को अद्भुत बताया। उन्होंने कहा कि यहां की ऐतिहासिक विरासत को शिलालेखों के माध्यम से संरक्षित किया गया है और यह आने वाली पीढ़ियों को इतिहास से जोड़ने का काम करती है।
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को नशे और स्मार्टफोन की लत से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि योग और व्यायाम से जीवन संतुलित रहता है, जबकि मोबाइल का अत्यधिक उपयोग समय और सोचने की क्षमता दोनों को प्रभावित करता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि परिवार को समय दें, पूजा और भोजन के समय मोबाइल से दूरी रखें और तकनीक का सीमित उपयोग करें।
सिरे मंदिर परिसर में आयोजित धर्मसभा में बड़ी संख्या में साधु-संत, जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी का फूलों के बड़े हार से स्वागत भी किया गया।
अपने दो दिवसीय जालोर दौरे के दौरान योगी आदित्यनाथ ने मंदिर में पूजा-अर्चना की, महायज्ञ में आहुति दी और बाद में हेलीकॉप्टर से जोधपुर के लिए रवाना हुए।