
राजस्थान: राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू हो गया है। सत्र की शुरुआत राज्यपाल हरिभाऊ बागडे के अभिभाषण से हुई। बजट सत्र के दौरान सरकार द्वारा पंचायत-निकाय चुनाव, शहरी विकास, कानून-व्यवस्था और जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाने की संभावना है। इसे लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी-अपनी रणनीति तय कर ली है।
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में राज्य सरकार की उपलब्धियों, विकास योजनाओं और आगामी प्राथमिकताओं को सदन के सामने रखा। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, रोजगार और ग्रामीण विकास को सरकार के प्रमुख एजेंडे के रूप में बताया। अभिभाषण के बाद सदन में दिवंगत पूर्व जनप्रतिनिधियों को श्रद्धांजलि दी गई।
सरकारी सूत्रों के अनुसार राज्य बजट 11 फरवरी 2026 को पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार का यह बजट बेहद अहम माना जा रहा है। बजट में युवाओं, किसानों, महिलाओं और शहरी-ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं और घोषणाओं पर विशेष फोकस रहने की संभावना है।
बजट सत्र के दौरान जिन विधेयकों पर सबसे ज्यादा चर्चा होने की संभावना है, उनमें शामिल हैं—
पंचायत एवं निकाय चुनाव से संबंधित संशोधन विधेयक
डिस्टर्ब एरिया बिल
शहरी विकास और नगर निकाय सुधार से जुड़े कानून
प्रशासनिक सुधार एवं कानून-व्यवस्था से जुड़े प्रस्ताव
इन विधेयकों को लेकर विपक्ष पहले ही सरकार को घेरने की तैयारी में है।
विपक्षी दलों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वे बेरोजगारी, महंगाई, कानून-व्यवस्था, भर्ती परीक्षाओं में देरी और किसानों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरेंगे। ऐसे में सत्र के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की पूरी संभावना जताई जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह बजट सत्र भजनलाल सरकार के लिए राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है। आने वाले पंचायत और निकाय चुनावों को देखते हुए सरकार के फैसले सियासी रूप से काफी अहम माने जा रहे हैं।
राजस्थान विधानसभा का यह बजट सत्र न केवल आर्थिक नीतियों के लिहाज से, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। सरकार जहां अपने विकास एजेंडे को मजबूती से रखने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्ष जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार को लगातार घेरता नजर आएगा।