बोले— कांग्रेस भ्रम फैला रही है, बदलाव ग्रामीण साझा विकास की सोच का हिस्सा CM भजनलाल शर्मा का मनरेगा का नाम बदलने पर बड़ा स्पष्टीकरण
Wednesday, 07 Jan 2026 02:30 am

Golden Hind News

जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) का नाम बदले जाने को लेकर उठे राजनीतिक विवाद पर बड़ा और स्पष्ट बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बदलाव को लेकर कांग्रेस जानबूझकर भ्रम फैला रही है, जबकि सच्चाई यह है कि यह निर्णय ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र और साझा विकास की भावना के तहत लिया गया है।

सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरकार की मंशा किसी महापुरुष का अपमान करना या किसी योजना की मूल भावना को कमजोर करना नहीं है, बल्कि ग्रामीण रोजगार, आधारभूत ढांचे और आत्मनिर्भर गांव की दिशा में एक नई सोच और व्यापक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि योजना के नाम में परिवर्तन के बावजूद मनरेगा के तहत मिलने वाले अधिकार, मजदूरी, काम के दिन और बजट में कोई कटौती नहीं की गई है। ग्रामीणों को पहले की तरह 100 दिन का रोजगार मिलेगा और भुगतान प्रक्रिया में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा,

“नाम बदलने को राजनीतिक मुद्दा बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस जनता को गुमराह कर रही है। हमारी सरकार का फोकस केवल नाम पर नहीं, बल्कि काम की गुणवत्ता, पारदर्शिता और गांवों के वास्तविक विकास पर है।”

सीएम शर्मा ने बताया कि नई संरचना के तहत गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण, जल संरक्षण, चारागाह विकास, ग्रामीण सड़कों और सार्वजनिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे रोजगार के साथ-साथ गांवों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो।

कांग्रेस पर सीधा हमला

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्षों तक सत्ता में रहते हुए कांग्रेस ने मनरेगा को केवल राजनीतिक ब्रांडिंग का जरिया बनाया, लेकिन जमीनी स्तर पर इसकी निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान नहीं दिया।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के समय कई जगहों पर फर्जी जॉब कार्ड, अधूरे काम और भुगतान में अनियमितताएं सामने आई थीं। वर्तमान सरकार ने इन गड़बड़ियों पर सख्ती से कार्रवाई शुरू की है और तकनीक के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ाई जा रही है।

ग्रामीण विकास सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दोहराया कि उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता किसान, मजदूर और ग्रामीण अर्थव्यवस्था है। नाम परिवर्तन को केवल प्रशासनिक सुधार के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि राजनीतिक चश्मे से।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस योजना के तहत

अंत में सीएम ने जनता से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सरकार की नीतियों को उसके परिणामों और काम के आधार पर परखें।