
बांसवाड़ा
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बांसवाड़ा में आयोजित राज्य-स्तरीय शिक्षक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को धरातल पर उतारने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी शिक्षकों की है। उन्होंने कहा कि जब तक नीति को कक्षा-कक्षा तक प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया जाएगा, तब तक शिक्षा में अपेक्षित बदलाव संभव नहीं है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को शिक्षा सुधार की रीढ़ बताते हुए कहा कि NEP केवल एक नीति नहीं, बल्कि भविष्य के भारत और विकसित राजस्थान की नींव है। इसे सफल बनाने में शिक्षकों की भूमिका निर्णायक है।
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में स्मार्ट क्लास, डिजिटल लर्निंग और आधुनिक संसाधनों को बढ़ावा दे रही है। विद्यालयों और महाविद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ तकनीक आधारित शिक्षा प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा कॉलेजों के विस्तार, नए शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना और उच्च शिक्षा को रोजगारोन्मुखी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा सुधारों का अंतिम उद्देश्य छात्रों को सीधा लाभ पहुंचाना है। छात्रवृत्ति, कौशल विकास, डिजिटल संसाधन और करियर मार्गदर्शन जैसी योजनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को सशक्त बनाया जा रहा है, ताकि वे प्रतिस्पर्धी युग में आगे बढ़ सकें।
सीएम ने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे नवाचार, अनुशासन और समर्पण के साथ NEP को लागू करें। “शिक्षक अगर ठान लें तो शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव संभव है,” उन्होंने कहा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विकसित राजस्थान 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शिक्षा सबसे मजबूत आधार है और इस आधार को मजबूत करने की जिम्मेदारी शिक्षकों के कंधों पर है। सरकार हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।