
राजस्थान सरकार ने राज्य की खनिज संपदा के अधिकतम उपयोग और राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड (RSMML) को उत्पादन बढ़ाने और आक्रामक मार्केटिंग रणनीति अपनाने के निर्देश दिए हैं। यह निर्देश मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए।
बैठक में RSMML के वर्तमान उत्पादन स्तर, खनिजों की मांग, निर्यात संभावनाओं और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि RSMML राज्य की एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक उपक्रम कंपनी है और इसके प्रदर्शन में सुधार से राजस्थान की अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिप्सम, लाइमस्टोन, रॉक फॉस्फेट और अन्य प्रमुख खनिजों के उत्पादन में तेजी लाई जाए। इसके लिए नई तकनीक अपनाने, खनन कार्यों में दक्षता बढ़ाने और समयबद्ध लक्ष्य तय करने पर जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ खनन कार्यों में पर्यावरणीय मानकों का भी पूरी तरह पालन किया जाना चाहिए।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि RSMML को केवल उत्पादन तक सीमित न रहकर बेहतर मार्केटिंग और ब्रांडिंग रणनीति पर काम करना होगा।
इसके तहत:
घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नए खरीदारों से संपर्क
ऑनलाइन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से बिक्री बढ़ाना
प्रतिस्पर्धी मूल्य नीति अपनाना
निर्यात की संभावनाओं को और मजबूत करना
जैसे कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
सरकार का मानना है कि बेहतर उत्पादन और प्रभावी मार्केटिंग से RSMML का राजस्व और लाभ दोनों बढ़ेंगे, जिससे राज्य सरकार को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी। इससे विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को भी मजबूती मिलेगी।
मुख्य सचिव ने RSMML प्रबंधन को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं के लिए स्पष्ट टाइमलाइन तय की जाए और प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए। साथ ही किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
RSMML को उत्पादन बढ़ाने के स्पष्ट निर्देश
आक्रामक और आधुनिक मार्केटिंग रणनीति पर जोर
खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग से राजस्व बढ़ाने का लक्ष्य
राज्य की अर्थव्यवस्था को मिलेगा सीधा लाभ