
जयपुर
राजस्थान सरकार ने स्टार्टअप्स और युवाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राज्य के 333 स्टार्टअप्स को कुल ₹10.79 करोड़ की वित्तीय सहायता वितरित की। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश में नवाचार, स्वरोजगार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप्स राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और युवा उद्यमी राजस्थान को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार स्टार्टअप्स को केवल वित्तीय सहायता ही नहीं, बल्कि नीतिगत सहयोग, मार्गदर्शन और बेहतर प्लेटफॉर्म भी उपलब्ध करा रही है।
सरकार द्वारा लागू राजस्थान स्टार्टअप पॉलिसी के तहत चयनित स्टार्टअप्स को यह सहायता दी गई है। यह फंडिंग टेक्नोलॉजी, एग्रीटेक, हेल्थ, एजुकेशन, ई‑कॉमर्स, ग्रीन एनर्जी और सामाजिक नवाचार जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे स्टार्टअप्स को दी गई है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाना है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में स्टार्टअप्स के लिए और भी योजनाएं लाई जाएंगी, जिससे राजस्थान को देश के प्रमुख स्टार्टअप हब के रूप में विकसित किया जा सके।
इस अवसर पर उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, स्टार्टअप फाउंडर्स, नीति निर्माता और बड़ी संख्या में युवा उद्यमी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान स्टार्टअप्स के अनुभव भी साझा किए गए और सरकार से मिले सहयोग की सराहना की गई।
राज्य सरकार आने वाले महीनों में:
नए इनक्यूबेशन सेंटर्स की स्थापना
स्टार्टअप्स के लिए आसान ऋण व्यवस्था
मेंटरशिप और मार्केट एक्सेस
निवेशकों से जोड़ने के लिए विशेष प्लेटफॉर्म जैसे कदम उठाने की तैयारी में है।