
चुनाव आयोग के अनुसार SIR प्रक्रिया के दौरान घर-घर सत्यापन और रिकॉर्ड जांच की गई। इस दौरान ऐसे नाम हटाए गए जो:
मृत पाए गए मतदाता थे
स्थायी रूप से अन्य स्थानों पर शिफ्ट हो चुके हैं
डुप्लिकेट (दोहरी प्रविष्टि) थे
लंबे समय से अनुपस्थित थे
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल ड्राफ्ट वोटर लिस्ट है। जिन मतदाताओं के नाम गलती से हट गए हैं, वे 15 जनवरी 2026 तक दावा और आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद सभी आवेदनों की जांच कर अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
अगर किसी मतदाता का नाम सूची से हट गया है, तो वह:
संबंधित BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) से संपर्क कर सकता है
ऑनलाइन या ऑफलाइन Form-6 भरकर दावा प्रस्तुत कर सकता है
पहचान और पते से जुड़े आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकता है
सूत्रों के मुताबिक जयपुर जिले में सबसे ज्यादा मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इसके अलावा जोधपुर, उदयपुर, कोटा और भिलवाड़ा जैसे बड़े जिलों में भी बड़ी संख्या में नाम कटे हैं।
विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इतनी बड़ी संख्या में नाम हटना लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। वहीं सरकार और प्रशासन का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और इसका उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना है।
दावा और आपत्ति की प्रक्रिया जारी
सभी आवेदनों की जांच होगी
फरवरी 2026 तक अंतिम वोटर लिस्ट जारी होने की संभावना