सामाजिक संतुलन साधते हुए भाजपा ने सीताराम पोषवाल को बनाया प्रदेश मंत्री भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी में सीताराम पोषवाल को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बने प्रदेश मंत्री
Wednesday, 17 Dec 2025 14:00 pm

Golden Hind News

जयपुर 

भारतीय जनता पार्टी ने हाल ही में प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। रविवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में नवगठित कार्यकारिणी की पहली बैठक भी ली।

इस बार भाजपा ने सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखते हुए गुर्जर समाज से आने वाले वरिष्ठ नेता सीताराम पोषवाल को प्रदेश मंत्री नियुक्त किया है। इससे पहले सीताराम पोषवाल भाजपा ओबीसी मोर्चा के उपाध्यक्ष के रूप में संगठनात्मक जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

बोली पंचायत समिति में रचा इतिहास

सीताराम पोषवाल वह नेता हैं जिन्होंने बोली पंचायत समिति में आज़ादी के बाद पहली बार भाजपा का प्रधान बनवाया। जहां करीब 70 वर्षों तक भाजपा का कोई प्रधान नहीं बन सका था, वहां उन्होंने अपने छोटे भाई को भाजपा प्रत्याशी के रूप में विजयी बनाकर संगठन की मजबूत पकड़ साबित की।

RSS से गहरा जुड़ाव

सीताराम पोषवाल का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से भी गहरा संबंध रहा है। वे बाल्यकाल से स्वयंसेवक हैं और प्राथमिक वर्ग शिक्षित भी हैं। राजनीतिक गलियारों में उनकी नियुक्ति के पीछे RSS की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

डिजिटल संगठन में अव्वल

भाजपा के डिजिटल सदस्यता अभियान के तहत सीताराम पोषवाल ने करीब 15,000 नए सदस्य पार्टी से जोड़े और सबसे अधिक सदस्य जोड़ने वाले टॉप-10 नेताओं में स्थान प्राप्त किया।

इसके अलावा वे नमो ऐप (NaMo App) के लीडर बोर्ड में राजस्थान प्रदेश में पहले स्थान पर हैं। नमो ऐप पर सक्रिय भागीदारी करते हुए उन्होंने सभी टास्क पूरे कर करीब 1 करोड़ 25 लाख पॉइंट्स अर्जित किए हैं।

चुनावी दावेदारी और संगठन के प्रति समर्पण

सीताराम पोषवाल ने 2023 विधानसभा चुनाव में देवली-उनियारा और 2024 लोकसभा चुनाव में टोंक–सवाई माधोपुर सीट से मजबूत दावेदारी पेश की थी। हालांकि पार्टी ने टिकट नहीं दिया, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता की तरह भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में सक्रिय प्रचार किया।

सनातन विचारधारा से जुड़ाव

सीताराम पोषवाल भाजपा की सनातन और राष्ट्रवादी विचारधारा से पूरी तरह जुड़े हुए हैं। राम मंदिर निर्माण अभियान में भी उनकी अहम भूमिका रही है, जिसे पार्टी नेतृत्व ने गंभीरता से नोट किया।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, संगठन के प्रति उनकी निष्ठा, धैर्य, डिजिटल पकड़ और सामाजिक संतुलन को देखते हुए उन्हें प्रदेश मंत्री की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।