
राजस्थान की विधायक रितु बनावत ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री से पूरे प्रकरण की CBI जांच कराए जाने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि वह दोषी पाई जाती हैं तो उन्हें सजा मिले, लेकिन यदि आरोप निराधार हैं तो संबंधित पत्रकार और अखबार के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
रितु बनावत ने कहा कि 14 दिसंबर को एक समाचार पत्र में उनका नाम उछालकर बिना किसी ठोस सबूत के आरोप लगाए गए और फैसला भी सुना दिया गया। जबकि बाद में स्वयं स्वीकार किया गया कि उनके साथ किसी प्रकार की कोई बातचीत या पैसे की डीलिंग नहीं हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला प्रायोजित था और उनकी राजनीतिक छवि धूमिल करने की साजिश के तहत किया गया। उन्होंने कहा, “अगर कोई जनप्रतिनिधि रिश्वतखोरी करे तो उससे बड़ा अपराध कुछ नहीं हो सकता, इसलिए मैं खुद चाहती हूं कि इस पूरे मामले की जांच CBI से हो।”
विधायक ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है और लीगल नोटिस भी भेजा है। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि संबंधित पत्रकार और उसकी संस्था के सभी उपकरण जब्त किए जाएं ताकि कथित ब्लैकमेलिंग और स्टिंग ऑपरेशन की सच्चाई सामने आ सके।
रितु बनावत ने जनता से अपील करते हुए कहा कि उन्हें अपने विधायक पर भरोसा रखना चाहिए। उन्होंने कहा, “सांच को आंच नहीं, सोना तपकर ही खरा होता है। मैं न डरी हूं और न डरूंगी।”
उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ राजनीतिक हत्या की कोशिश की गई है और CBI जांच से ही सच्चाई सामने आएगी। अंत में उन्होंने कहा कि जनता के विश्वास और आशीर्वाद से वह इस लड़ाई को मजबूती से लड़ती रहेंगी।