
रणथंभौर: प्रदेश के सबसे बड़े रणथंभौर टाइगर रिजर्व से एक बार फिर वन्यजीव प्रेमियों के लिए खुशखबरी आई है। रणथंभौर की चर्चित बाघिन टी-2307 ने तीन शावकों को जन्म दिया है, जिससे पार्क में बाघों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ जंगल की आबोहवा में नई जान आ गई है। इसकी आधिकारिक पुष्टि प्रदेश के वन मंत्री संजय शर्मा ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा कर की है।
वन विभाग के अनुसार, रणथंभौर की कुंडेरा रेंज में नियमित गश्त के दौरान कुछ दिन पहले वनकर्मियों ने बाघिन टी-2307 को तीन शावकों के साथ देखा था। उस समय फोटो या वीडियो नहीं लिया जा सका था, इसलिए पुष्टि नहीं की गई। अब विभागीय फोटो ट्रैप कैमरे में बाघिन और तीनों शावक साफ दिखाई दिए हैं, जिसके बाद वन विभाग ने इसकी औपचारिक घोषणा कर दी।
वन अधिकारियों का कहना है कि यह खबर न केवल रणथंभौर बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। हाल के वर्षों में बेहतर संरक्षण, सख्त मॉनिटरिंग और बढ़ी हुई सुरक्षा व्यवस्था के कारण टाइगर रिप्रोडक्शन में सकारात्मक वृद्धि देखने को मिल रही है।
स्थानीय गाइड्स और वन्यजीव जानकारों का मानना है कि टी-2307 की यह लिटर पार्क की बाघ जनसंख्या को मजबूत बनाएगी और पर्यटकों के आकर्षण को भी और बढ़ाएगी।