2019 में राज्यपाल बनने के बाद से बंद थी जगदीप धनखड़ को पूर्व विधायक की पेंशन मंजूर
Saturday, 06 Sep 2025 13:00 pm

Golden Hind News

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को राजस्थान विधानसभा सचिवालय ने पूर्व विधायक के तौर पर पेंशन मंजूर कर दी है। धनखड़ ने अगस्त के अंतिम सप्ताह में पेंशन के लिए सचिवालय में आवेदन दिया था। उन्हें उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा मंजूर होने के बाद की तारीख से पेंशन और अन्य सुविधाएं मिलेंगी। पूर्व विधायक को प्रतिमाह 35 हजार रुपये प्रति माह पेंशन मिलती है लेकिन 75 साल से अधिक उम्र के पूर्व विधायकों को 20 फीसद ज्यादा पेंशन मिलती है। ऐसे में धनखड़ को भी इसका लाभ मिलेगा। उन्हें करीब 42 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।

कांग्रेस के विधायक रह चुके हैं धनखड़

धनखड़ वर्ष 1993 से 1998 तक किशनगढ़ विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक रहे हैं। पूर्व विधायक के तौर पर उन्हें जुलाई 2019 तक पेंशन मिली थी। लेकिन फिर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल बनने के बाद उनकी पेंशन बंद हो गई थी। अब उपराष्ट्रपति पद से हटने के बाद धनखड़ ने पूर्व विधायक को मिलने वाली पेंशन के लिए आवेदन किया था, जिसे मंजूरी दी गई है। वे एक बार विधायक रहे हैं।

धनखड़ को अब तीन तरह की पेंशन मिलेगी I पूर्व उपराष्ट्रपति, पूर्व सांसद और पूर्व विधायक पेंशन। हालांकि, उन्हें पूर्व राज्यपाल के रूप में पेंशन नहीं मिलेगी क्योंकि नियम के अनुसार राज्यपाल पद से रिटायर होने पर अलग पेंशन नहीं दी जाती। इस निर्णय के बाद धनखड़ पूर्व विधायक के सभी अधिकारों और सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे।

जुलाई 2019 में बंद हुई थी पेंशन

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ वर्ष 1993 से लेकर 1998 तक अजमेर जिले की किशनगढ़ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक रहे थे। पूर्व विधायक के रूप में जुलाई 2019 तक उन्हें पेंशन मिलती थी लेकिन जुलाई 2019 में उन्हें पश्चिम बंगाल का राज्यपाल बनाया गया था। वेतन वाला पद होने पर पेंशन बंद होने का नियम है। ऐसे में राज्यपाल बनाए जाने पर राजस्थान विधानसभा सचिवालय की ओर से उनकी पेंशन बंद कर दी गई थी। बाद में वे देश के उपराष्ट्रपति बन गए थे। 21 जुलाई को धनखड़ ने उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद उन्होंने पूर्व विधायक के रूप में पेंशन प्राप्त करने के लिए विधानसभा सचिवालय में आवेदन किया था जिसे मंजूर कर दिया गया।