
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान की यात्रा पर हैं. टोक्यो एयरपोर्ट पर पहुंचते ही उनका भव्य स्वागत किया गया है. उन्होंने भारतीय प्रवासी समुदाय से भी मुलाकात की. जापान रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने कहा कि जापान यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत-जापान की विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को नए आयाम देना है. उन्होंने बताया कि पिछले ग्यारह वर्षों में दोनों देशों के रिश्ते मजबूत हुए हैं और अब ध्यान आर्थिक, निवेश और नई प्रौद्योगिकियों जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और सेमीकंडक्टर सहयोग पर होगा. मोदी ने यह भी कहा कि यह यात्रा भारत और जापान के बीच सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंधों को और सुदृढ़ करने का अवसर बनेगी.
प्रधानमंत्री ने आगे बताया कि जापान यात्रा के बाद वे चीन जाएंगे. वहां राष्ट्रपति शी जिनपिंग के आमंत्रण पर वे तियानजिन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे. उन्होंने कहा कि भारत SCO का सक्रिय और रचनात्मक सदस्य है. अपनी अध्यक्षता के दौरान भारत ने स्वास्थ्य, नवाचार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर नई पहलें कीं
स्वागत समारोह: गायत्री मंत्र और लोक-संस्कृति
29 अगस्त 2025 की सुबह टोक्यो की एक जापानी सामुदायिक समूह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते हुए गायत्री मंत्र सहित अन्य वैदिक मंत्रों का जाप किया, जो प्रतीकात्मक रूप से भारत-जापान सांस्कृतिक सम्मान को दर्शाता है । इस दौरान राजस्थानी, कथक, भरतनाट्यम, ओडिसी, मोहिनीअट्टम जैसी शास्त्रीय एवं लोक नृत्य प्रस्तुतियाँ भी हुईं, जिसमें कलाकारों ने हिंदी में अभिनव स्वागत पंक्तियाँ भी समर्पित कीं ।
यह उनकी 8वीं जापान यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8वीं बार जापान पहुंच रहे हैं — यह अगस्त 29–30, 2025 की दो-दिनी यात्रा है, और इस बार यह उनकी पहली वार्षिक संबद्ध वार्ता 15वीं इंडिया–जापान एंथुअल समिट के सन्दर्भ में है, जिसमें वे जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा से मुलाकात करेंगे ।
इस वार्ता में चर्चा के मुख्य विषय होंगे —
आर्थिक और निवेश वार्ता
जापान की तरफ से अगले दशक में $68 बिलियन (10 ट्रिलियन येन) तक भारत में निवेश की योजना है, जिसमें Suzuki सहित जापानी कंपनियों की प्रमुख भूमिका है । साथ ही, दोनों पक्ष एक विस्तृत आर्थिक सुरक्षा समझौते (economic security pact) की रूपरेखा पर काम कर रहे हैं, जिसमें critical minerals, semiconductors और AI जैसे विषय शामिल हैं ।