
जागरण संवाददाता गुरुग्राम हरियाणा विज्ञान, तकनीक और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में लगातार नई मिसाल कायम कर रहा है। इसी क्रम में बुधवार को गुरुग्राम से देश की पहली मोबाइल सर्जिकल रोबोट ट्रेनिंग यूनिट ‘एसएसआई मंत्रा एम’ यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस यात्रा की शुरुआत प्रदेश के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने की। यह यूनिट ‘मेड इन इंडिया’ सर्जिकल तकनीक की प्रतीक है और राजस्थान के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में 1500 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने बताया कि यह अत्याधुनिक मोबाइल यूनिट भारतबेंज़ 1824 चेसीज़ पर आधारित है, जिसका ग्राॅस व्हीकल वेट 18,500 किलोग्राम है। यह है, जिसमें लाइव सर्जिकल डेमो, इंटरेक्टिव ट्रेनिंग और गाइडेड सेशंस शामिल हैं। रियल-टाइम टेलीकम्युनिकेशन और संभावित सेटेलाइट कनेक्टिविटी के माध्यम से यह यूनिट दूर-दराज के क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में सक्षम होगी।
एसएस इनोवेशन्स
के संस्थापक और चेयरमैन डॉ. सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि यह केवल एक तकनीकी यात्रा नहीं, बल्कि भारत में सर्जिकल शिक्षा के एक नए युग की शुरुआत है। उनका मानना है कि इस प्रयास से हर स्तर के चिकित्सा पेशेवरों को उन्नत तकनीक तक सीधी पहुंंच मिलेगी। हरियाणा से शुरू हुई यह ऐतिहासिक यात्रा न केवल राज्य के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह भारत को ग्लोबल हेल्थ इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक मजबूत कदम भी है। एसएस इनोवेशन्स जैसी विश्वस्तरीय टेक्नोलॉजी कंपनी यहीं से संचालित हो रही है। उन्होंने कहा कि एसएसआई मंत्रा एम आधुनिक सर्जिकल केयर को आमजन तक पहुंचाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है, जिससे देश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती मिलेगी। यह यात्रा हरियाणा की नवाचार शक्ति का प्रमाण है। उन्हें अवगत करवाया गया कि यह अत्याधुनिक मोबाइल यूनिट भारतबेंज 1824 चेसीज पर आधारित है, जिसका ग्रॉस व्हीकल वेट 18,500 किलोग्राम है। यह यूनिट देश की पहली टेली सर्जरी ऑन व्हील्स सुविधा से युक्त है, जिसमें लाइव सर्जिकल डेमो, इंटरेक्टिव ट्रेनिंग और गाइडेड सेशंस शामिल हैं। रियल-टाइम टेलीकम्युनिकेशन और संभावित सैटेलाइट कनेक्टिविटी के माध्यम से यह यूनिट दूर-दराज के क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में सक्षम होगी।