राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने अहमदाबाद में सुघड़, गांधीनगर में नर्मदा मुख्य नहर के पास स्थित "एनवायरमेंटल सेनिटेशन इंस्टीट्यूट" का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने वहां पर पर्यावरण स्वच्छता के अंतर्गत कम लागत वाली स्वच्छता प्रौद्योगिकी के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने हानिकारक प्रदूषण से मुक्त प्रौद्योगिकी के साथ संस्थान द्वारा स्वास्थ्य, स्वच्छता, पानी, और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने अहमदाबाद में सुघड़, गांधीनगर में नर्मदा मुख्य नहर के पास स्थित "एनवायरमेंटल
राज्यपाल ने गांधीनगर स्थित "एनवायरमेंटल सेनिटेशन इंस्टीट्यूट" का अवलोकन किया
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राजस्थान में अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 25 हजार लीटर वॉश नष्ट, कई जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी
राजस्थान में अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 25 हजार लीटर वॉश नष्ट, कई जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी
जयपुर, 5 अगस्त। राजस्थान में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग ने राज्यव्यापी अभियान के तहत व्यापक कार्रवाई की है। आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशन में चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के दौरान प्रदेश के कई जिलों में नाकाबंदी, गश्त और छापेमारी कर बड़ी मात्रा में अवैध शराब, वॉश (शराब बनाने का कच्चा घोल) और अवैध भट्टियों को नष्ट किया गया। अभियान के दौरान कई मामलों में अभियोग दर्ज किए गए तथा आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया।
आबकारी विभाग ने बताया कि प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। इसी के तहत अन्य राज्यों से शराब की तस्करी, अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। विभागीय टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने और नियमित रूप से दबिश देने के निर्देश दिए गए हैं।
जयपुर ग्रामीण में सबसे बड़ी कार्रवाईअभियान के दौरान जयपुर ग्रामीण क्षेत्र में आबकारी विभाग ने सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए चाकसू क्षेत्र के ग्राम माधोगढ़, तुंगा, बगरियां, नारायण बाबा की ढाणी और ढूंढ नदी क्षेत्र में छापेमारी की। यहां से 25 हजार लीटर वॉश नष्ट किया गया। इसके अलावा शराब बनाने में इस्तेमाल हो रही 15 अवैध भट्टियों और उपकरणों को भी ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान 70 लीटर अवैध हथकड़ शराब भी जब्त की गई।
विभाग का कहना है कि इस क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब निर्माण की सूचनाएं मिल रही थीं, जिसके बाद विशेष योजना बनाकर यह कार्रवाई की गई।
चित्तौड़गढ़ में शराब और वॉश जब्तचित्तौड़गढ़ जिले के निंबाहेड़ा और बेगूं क्षेत्र में आबकारी निरोधक दल ने छापेमारी कर 1,000 लीटर वॉश नष्ट किया तथा 15 लीटर अवैध हथकड़ शराब बरामद की। इसके साथ ही बिना नंबर की एक मोटरसाइकिल से 62 पव्वे अवैध हथकड़ शराब जब्त की गई और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
बीकानेर जोन में कई स्थानों पर दबिशबीकानेर जोन में होटलों, ढाबों और संदिग्ध स्थानों पर चलाए गए विशेष अभियान के दौरान बीकानेर शहर, श्रीगंगानगर, संगरिया, नोहर, चूरू, रायसिंहनगर और सूरतगढ़ में कार्रवाई की गई। आबकारी प्रवर्तन दल (EPF) ने यहां 1,800 लीटर वॉश, 5 अवैध भट्टियां, 27 बीयर की बोतलें, 54 पव्वे देशी शराब और 34 लीटर हथकड़ शराब जब्त की। कार्रवाई के दौरान 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
ब्यावर, केकड़ी और कोटा में भी कार्रवाईकेकड़ी में छापेमारी के दौरान 200 लीटर वॉश नष्ट कर 2 लीटर हथकड़ शराब जब्त की गई।
वहीं ब्यावर आबकारी थाना क्षेत्र में ईपीएफ टीम ने 400 लीटर वॉश, 3 पुरानी भट्टियां और 6 बोतल अवैध हथकड़ शराब बरामद कर नष्ट की।
कोटा जिले के रामगंज मंडी क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान 700 लीटर वॉश और 2 अवैध भट्टियां नष्ट की गईं। मामले में आबकारी अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज किया गया।
जोधपुर, झुंझुनूं और पाली में जब्तीजोधपुर शहर, ग्रामीण, पश्चिम और सरदारपुरा क्षेत्रों में संयुक्त कार्रवाई के दौरान 58 बीयर कैन, 87 पव्वे देशी शराब, 19 पव्वे आईएमएफएल (इंडियन मेड फॉरेन लिकर) और 4 लीटर हथकड़ शराब जब्त की गई।
झुंझुनूं जिले के चिड़ावा क्षेत्र से 576 पव्वे अवैध शराब बरामद की गई।
पाली शहर में भी संयुक्त टीम ने छापेमारी कर बड़ी मात्रा में देशी और अंग्रेजी शराब जब्त की तथा एक आरोपी को गिरफ्तार किया।
किशनगढ़ रेलवे स्टेशन पर हरियाणा निर्मित बीयर बरामदअजमेर जिले के किशनगढ़ रेलवे स्टेशन पर की गई कार्रवाई के दौरान हरियाणा निर्मित बडवाइजर (Budweiser) बीयर के 24 कैन बरामद किए गए। इस मामले में भी आबकारी विभाग ने संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पूरे प्रदेश में जारी रहेगा अभियानआबकारी विभाग के अनुसार यह अभियान केवल कुछ जिलों तक सीमित नहीं है। प्रदेश के सभी जिलों में अतिरिक्त आबकारी आयुक्त, आबकारी उपायुक्त, जिला आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षक और आबकारी निरोधक दल लगातार नाकाबंदी, गश्त और छापेमारी कर रहे हैं।
आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती से अमल किया जाए। विभाग का लक्ष्य न केवल अवैध शराब की जब्ती करना है, बल्कि इसके निर्माण और तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना भी है।
विभाग ने आमजन से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन या बिक्री की सूचना मिले तो उसकी जानकारी तुरंत आबकारी विभाग या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें। विभाग का कहना है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और अवैध शराब के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
राजस्थान की पांचों बिजली कंपनियों में 2005 पदों पर भर्ती, जूनियर इंजीनियर समेत इन पदों के लिए करें आवेदन
राजस्थान विद्युत निगम भर्ती 2026: पांचों बिजली कंपनियों में 2005 पदों पर सीधी भर्ती, 25 अगस्त तक करें आवेदन
राजस्थान के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का बड़ा अवसर सामने आया है। राज्य की पांचों विद्युत निगमों में विभिन्न संवर्गों के कुल 2005 पदों पर सीधी भर्ती के लिए विस्तृत विज्ञापन जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (RVUNL), राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (RVPNL) तथा जयपुर, अजमेर और जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVNL, AVVNL, JDVVNL) में अभियंता संवर्ग और मंत्रालयिक संवर्ग के पदों पर भर्ती की जाएगी।
योग्य अभ्यर्थी इन पदों के लिए 5 अगस्त 2026 से 25 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
2005 पदों पर होगी भर्तीविद्युत निगमों की ओर से जारी भर्ती विज्ञापन के अनुसार कुल 2005 पदों में—
कनिष्ठ अभियन्ता (Junior Engineer) के 869 पद
कनिष्ठ लेखाकार (Junior Accountant) के 371 पद
कनिष्ठ सहायक/वाणिज्यिक सहायक-द्वितीय के 765 पद
शामिल हैं।
इन पदों पर नियुक्ति के लिए योग्य अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
पांचों बिजली कंपनियों की वेबसाइट पर आवेदन सुविधाअभ्यर्थी विद्युत निगमों की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भर्ती से संबंधित लिंक के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 5 अगस्त से शुरू हो गई है और अंतिम तिथि 25 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।
भर्ती से जुड़ी जानकारी और आवेदन के लिए अभ्यर्थी निम्न वेबसाइटों पर विजिट कर सकते हैं—
energy.rajasthan.gov.in
RVUNL वेबसाइट
RVPNL वेबसाइट
JVVNL वेबसाइट
JDVVNL वेबसाइट
AVVNL वेबसाइट
ऑनलाइन प्रतियोगी परीक्षा से होगा चयनविद्युत निगमों में इन पदों पर चयन के लिए ऑनलाइन प्रतियोगी परीक्षा आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थियों का चयन निर्धारित चयन प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा।
कनिष्ठ सहायक और वाणिज्यिक सहायक-द्वितीय पदों के लिए ऑनलाइन प्रतियोगी परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की टंकण परीक्षा (Typing Test) भी आयोजित की जाएगी।
भर्ती विज्ञापन में दी गई पूरी जानकारीराजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम की ओर से जारी विस्तृत भर्ती विज्ञापन में पदों का श्रेणीवार आरक्षण, शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, आवेदन शुल्क, आवेदन प्रक्रिया और चयन प्रक्रिया सहित सभी आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराई गई हैं।
अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि आवेदन करने से पहले भर्ती विज्ञापन को ध्यानपूर्वक पढ़ लें और अपनी पात्रता सुनिश्चित करने के बाद ही आवेदन करें।
युवाओं के लिए रोजगार का अवसरराजस्थान सरकार की पांचों विद्युत निगमों में होने वाली यह भर्ती प्रदेश के तकनीकी और गैर-तकनीकी युवाओं के लिए रोजगार का महत्वपूर्ण अवसर है। कनिष्ठ अभियंता पदों के माध्यम से इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षेत्र के अभ्यर्थियों को मौका मिलेगा, वहीं कनिष्ठ लेखाकार और कनिष्ठ सहायक पदों से मंत्रालयिक क्षेत्र के अभ्यर्थियों को लाभ मिलेगा।
हेल्पलाइन नंबर भी जारीभर्ती प्रक्रिया से संबंधित किसी भी जानकारी या सहायता के लिए अभ्यर्थी विद्युत निगमों द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 9414056655 पर संपर्क कर सकते हैं। हेल्पलाइन सुविधा सभी कार्यदिवसों में उपलब्ध रहेगी।
विद्युत निगमों ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे आवेदन की अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। 25 अगस्त 2026 के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
16 अगस्त को अलवर आएंगे अमित शाह, सरस डेयरी में नए संयंत्र के शिलान्यास की तैयारियां तेज Short Headline
अमित शाह का 16 अगस्त को अलवर दौरा प्रस्तावित, सरस डेयरी में नए संयंत्र के शिलान्यास की तैयारियां तेज
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के 16 अगस्त को प्रस्तावित अलवर दौरे को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने मंगलवार को अलवर स्थित सरस डेयरी सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक के दौरान राज्यमंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी की जाएं तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए, ताकि कार्यक्रम का सफल और व्यवस्थित आयोजन हो सके।
सरस डेयरी में नए संयंत्र का होगा शिलान्यासप्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह अलवर स्थित सरस डेयरी में 3 लाख लीटर क्षमता वाले नए डेयरी संयंत्र का शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी उनके प्रस्तावित कार्यक्रम का हिस्सा रहेगा।
राज्य सरकार के अनुसार यह परियोजना डेयरी क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन और प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देशसमीक्षा बैठक के दौरान वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के आयोजन में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए और प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करे।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आयोजन से जुड़े सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और आवश्यक समन्वय बनाए रखा जाए।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष जोरराज्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों की संभावित उपस्थिति को देखते हुए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए जाएं।
इसके साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए उचित स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने और ट्रैफिक प्रबंधन की प्रभावी योजना तैयार करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
विकास परियोजनाओं पर रहेगा फोकसअमित शाह के प्रस्तावित दौरे के दौरान डेयरी क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के साथ अन्य विकास कार्यों का भी शिलान्यास और लोकार्पण किया जाएगा। राज्य सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और स्थानीय विकास को नई गति मिलेगी।
प्रशासनिक स्तर पर कार्यक्रम को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सुरक्षा, यातायात, पार्किंग और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
15 अगस्त से ग्रामीण राजस्थान में सिंगल यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान शुरू होगा
राजस्थान में 15 अगस्त से सिंगल यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान, ग्रामीण क्षेत्रों में होगी सख्त कार्रवाई
राजस्थान सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों को सिंगल यूज़ प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 15 अगस्त से राज्यव्यापी विशेष अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सिंगल यूज़ प्लास्टिक के निर्माण, भंडारण, परिवहन, बिक्री और उपयोग पर प्रभावी रोक सुनिश्चित करने के लिए जनजागरूकता और प्रवर्तन गतिविधियां चलाई जाएंगी। इसके साथ ही 30 सितंबर तक ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सिंगल यूज़ प्लास्टिक नियंत्रण संबंधी नई नीति का मसौदा तैयार किया जाएगा।
यह निर्णय मंगलवार को शासन सचिवालय में आयोजित पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने की, जबकि पंचायती राज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी भी उपस्थित रहे।
पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतराबैठक में मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर्यावरण, पशुधन और मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्लास्टिक मुक्त राजस्थान के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से परिणामोन्मुख कार्य करें।
उन्होंने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए केवल प्रतिबंध पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों में जागरूकता और वैकल्पिक उत्पादों के उपयोग को भी बढ़ावा देना आवश्यक है।
30 सितंबर तक तैयार होगी नई नीतिमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर प्रभावी नियंत्रण के लिए 30 सितंबर तक विस्तृत नीति का मसौदा तैयार किया जाए। यह नीति भविष्य में प्लास्टिक के उपयोग को नियंत्रित करने और पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देने के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना का आधार बनेगी।
सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था विकसित करना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक के उपयोग को चरणबद्ध तरीके से कम किया जा सके और टिकाऊ विकल्प अपनाए जा सकें।
15 अगस्त से चलेगा विशेष अभियानराज्य सरकार के निर्देशानुसार स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त से सभी ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। अभियान के दौरान ग्राम पंचायतों, पंचायती राज संस्थाओं और संबंधित विभागों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
अभियान का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना नहीं, बल्कि जनसहभागिता के माध्यम से इसे जनआंदोलन का रूप देना भी है। सरकार चाहती है कि गांव स्तर पर नागरिक स्वयं प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
नियमों के तहत होगी सख्त कार्रवाईनई नीति लागू होने तक वर्तमान नियमों और कानूनी प्रावधानों के तहत सिंगल यूज़ प्लास्टिक के निर्माण, भंडारण, परिवहन, बिक्री और उपयोग के खिलाफ नियमित निरीक्षण और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रतिबंध का पालन पूरी तरह हो सके।
सरकारी कार्यालय होंगे प्लास्टिक मुक्तबैठक में सभी सरकारी विभागों और कार्यालयों में सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने के निर्देश भी दिए गए।
मंत्री ने कहा कि सरकारी कार्यालय स्वयं प्लास्टिक मुक्त कार्यसंस्कृति अपनाकर समाज के लिए उदाहरण बनें। इससे आमजन को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक संदेश मिलेगा।
जनजागरूकता पर रहेगा विशेष जोरराज्य सरकार ने माना है कि प्लास्टिक प्रदूषण की समस्या का समाधान केवल कानूनी कार्रवाई से संभव नहीं है। इसके लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान भी आवश्यक है।
इस उद्देश्य से ग्राम पंचायतों, स्थानीय निकायों, विद्यालयों, स्वयंसेवी संस्थाओं और विभिन्न सरकारी विभागों के सहयोग से लोगों को सिंगल यूज़ प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाएगा।
साथ ही नागरिकों को कपड़े के थैले, जूट बैग और अन्य पर्यावरण अनुकूल विकल्पों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
कई विभागों की होगी भागीदारीबैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, उद्योग विभाग, परिवहन विभाग तथा यूनिसेफ के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर अभियान को प्रभावी बनाने की रणनीति पर चर्चा की गई।
राजस्थान सरकार का मानना है कि सिंगल यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ यह राज्यव्यापी अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। यदि सरकारी एजेंसियों के साथ आमजन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होती है, तो ग्रामीण राजस्थान को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में उल्लेखनीय सफलता मिल सकती है।
राजस्थान पुलिस की चेतावनी: मोबाइल में सेव निजी डेटा बढ़ा सकता है साइबर ठगी का खतरा
राजस्थान पुलिस की एडवाइजरी: मोबाइल में सेव पासवर्ड, बैंकिंग जानकारी और निजी दस्तावेज बन सकते हैं साइबर ठगी का कारण
राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी करते हुए चेतावनी दी है कि मोबाइल फोन में पासवर्ड, बैंकिंग जानकारी, निजी दस्तावेज और अन्य संवेदनशील डेटा सुरक्षित रखना साइबर अपराधियों के लिए आसान निशाना बन सकता है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि डिजिटल सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और मोबाइल में संवेदनशील जानकारी रखने से पहले आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाएं।
महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर जारी इस एडवाइजरी में कहा गया है कि आज स्मार्टफोन केवल बातचीत का माध्यम नहीं रह गया है। बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, सरकारी दस्तावेज, निजी फोटो-वीडियो, ईमेल और डिजिटल लॉकर जैसी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मोबाइल में मौजूद रहती हैं। ऐसे में यदि फोन हैक हो जाए, चोरी हो जाए या किसी साइबर अपराधी के हाथ लग जाए तो आर्थिक नुकसान के साथ पहचान चोरी और ब्लैकमेलिंग जैसी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं।
रोजाना हो रहे हैं 1.3 लाख से अधिक साइबर हमलेराजस्थान पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (साइबर क्राइम) वीके सिंह ने बताया कि भारत में प्रतिदिन 1.3 लाख से अधिक साइबर हमले दर्ज किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि छोटी-सी लापरवाही भी लोगों के बैंक खातों, व्यक्तिगत पहचान और निजी जानकारी को खतरे में डाल सकती है।
उन्होंने हाल ही में सामने आए बैंक ऑफ बड़ौदा डेटा लीक और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। एक मामले में कर्मचारी के ईमेल के जरिए लगभग 1 टेराबाइट डेटा डार्क वेब पर लीक होने की घटना सामने आई थी।
लोग मोबाइल में क्या-क्या सेव रखते हैंएडीजी वीके सिंह के अनुसार विभिन्न रिपोर्टों में सामने आया है कि बड़ी संख्या में लोग अपनी महत्वपूर्ण जानकारी मोबाइल फोन में ही सेव रखते हैं। इनमें—
61 प्रतिशत लोग निजी दस्तावेज
60 प्रतिशत लोग फोटो और वीडियो
48 प्रतिशत लोग ऑफिस ई-मेल
38 प्रतिशत लोग बैंकिंग जानकारी
37 प्रतिशत लोग एआई चैट हिस्ट्री
34 प्रतिशत लोग अपने पासवर्ड मोबाइल में सुरक्षित रखते हैं।
पुलिस का कहना है कि यही जानकारी साइबर अपराधियों के लिए सबसे अधिक मूल्यवान होती है।
साइबर अपराधियों के मुख्य निशानेराजस्थान पुलिस के अनुसार साइबर अपराधी मुख्य रूप से चार प्रकार की जानकारियों को निशाना बनाते हैं।
पहचान चोरी (Identity Theft): आधार, पैन कार्ड, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस जैसी जानकारी का उपयोग कर फर्जी सिम कार्ड, बैंक खाते या लोन लिए जा सकते हैं।
वित्तीय धोखाधड़ी: बैंकिंग ऐप, यूपीआई, नेट बैंकिंग और ओटीपी तक पहुंच बनाकर बैंक खातों से रकम निकाली जा सकती है।
ब्लैकमेलिंग: निजी फोटो, वीडियो और एआई चैट हिस्ट्री का दुरुपयोग कर लोगों को ब्लैकमेल किया जा सकता है या डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराधों में फंसाया जा सकता है।
कॉरपोरेट जासूसी: कंपनियों के गोपनीय दस्तावेज और ऑफिस ई-मेल चुराकर फिरौती मांगने या व्यावसायिक नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी बढ़ रही हैं।
मोबाइल को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस की सलाहराजस्थान पुलिस ने नागरिकों को मोबाइल सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।
सार्वजनिक वाई-फाई पर बैंकिंग या अन्य संवेदनशील कार्य करने से बचें। यदि आवश्यक हो तो विश्वसनीय वीपीएन का उपयोग करें।
मोबाइल में स्क्रीन लॉक और स्टोरेज एन्क्रिप्शन हमेशा सक्रिय रखें।
किसी भी ऐप को केवल आवश्यक परमिशन ही दें।
बैंकिंग ऐप और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सिक्योर या हिडेन फोल्डर में रखें।
क्लाउड बैकअप को मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन से सुरक्षित करें।
ऐप्स केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें।
मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड का उपयोग करें।
फोन में लोकेशन ट्रैकिंग, ऑटो बैकअप और स्क्रीन लॉक हमेशा चालू रखें।
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायतराजस्थान पुलिस ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी, ऑनलाइन धोखाधड़ी या कोई संदिग्ध डिजिटल गतिविधि होती है तो वह बिना देरी किए निकटतम पुलिस थाना या साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराए।
इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल और हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। राजस्थान पुलिस ने नागरिकों की सहायता के लिए साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 और 9257510100 भी जारी किए हैं।
राजस्थान पुलिस का कहना है कि डिजिटल युग में जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। मोबाइल फोन में संवेदनशील जानकारी सुरक्षित रखने से पहले उचित सुरक्षा उपाय अपनाकर नागरिक साइबर ठगी, पहचान चोरी और आर्थिक नुकसान जैसी घटनाओं से काफी हद तक बच सकते हैं।