जयपुर: जयपुर जिले में महिला सशक्तिकरण को व्यावहारिक धरातल पर साकार करने के लिए सक्षम जयपुर अभियान के तहत चल रहे नारी चौपाल कार्यक्रम ने एक बार फिर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा और जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशानुसार, बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ योजना के तहत उपखंड स्तर पर चौपाल का आयोजन किया गया।
चाकसू उपखंड में नारी चौपाल का आयोजन
बुधवार को चाकसू उपखंड में आयोजित नारी चौपाल में हजारों महिलाओं और बालिकाओं ने भाग लिया। बड़ी संख्या में सहभागिता ने स्पष्ट किया कि महिलाएँ अब संवाद, निर्णय और नेतृत्व में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक डॉ. राजेश डोगीवाल ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान मारवाड़ी लोकगीत, लोकनृत्य, नुक्कड़ नाटक और आत्मरक्षा प्रशिक्षण की प्रस्तुतियाँ दी गईं। "हम होंगे कामयाब" और "मेरा काम—मेरा सम्मान" जैसी प्रस्तुतियों के माध्यम से महिलाओं ने स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का संदेश साझा किया।
अनुभव साझा करने से मिली प्रेरणा
विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियाँ हासिल करने वाली महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए, जिससे उपस्थित महिलाओं और बालिकाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। चाकसू उपखंड अधिकारी श्रीमती निधि मीणा की उपस्थिति में महिलाओं ने आत्मविश्वास, कौशल और नेतृत्व क्षमता का प्रभावी प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास, चिकित्सा, शिक्षा, पुलिस, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने महिलाओं से सीधे संवाद कर स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, पोषण, स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।
सक्षम जयपुर अभियान और शपथ
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बालिकाओं ने सक्षम जयपुर अभियान का समर्थन करते हुए हस्ताक्षर किए और बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ की शपथ ली। नोडल अधिकारी और भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री मृणाल कुमार ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया।
नारी चौपाल का उद्देश्य
डॉ. डोगीवाल ने बताया कि नारी चौपाल का उद्देश्य महिलाओं को जागरूक, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना जा रहा है, जिससे नीति और क्रियान्वयन में सकारात्मक बदलाव संभव हो रहा है।
जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशानुसार, जयपुर जिले के सभी उपखंडों में चरणबद्ध रूप से नारी चौपाल आयोजित किए जाएंगे। यह कार्यक्रम महिलाओं के लिए सिर्फ संवाद का मंच नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन की सशक्त पहल बनकर उभर रहा है।