मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विधानसभा क्षेत्र प्रताप नगर में तेजाजी की मूर्ति तोड़ने के मामले में सियासी तड़का लगा चुका है। इस मामले में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं पर हुए लाठी चार्ज के बाद विपक्ष ने जमकर भाजपा सरकार पर हमला बोला था। और अब आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम को सम्मानित किया गया है जिसे लेकर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हनुमान बेनीवाल ने तेजाजी की मूर्ति खंडित करने के मामले को सियासी षड्यंत्र बताया है। हनुमान बेनीवाल ने भजनलाल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कहा की इनकी कथनी और करनी में फर्क है। हनुमान बेनीवाल ने सरकार से सवाल पूछते हुए कहा कि जयपुर पुलिस ईस्ट टीम कौन सी उपलब्धि को लेकर सम्मानित हो रही है? वही आपको बताते दे कि इससे पहले भी लाठी चार्ज को लेकर विपक्ष के कई दिग्गज नेताओं ने सरकार पर सियासी हमला बोला था।
हनुमान बेनीवाल ने कहा भाजपा की कथनी और करनी में फर्क
हनुमान बेनीवाल ने कहा आस्था पर भारी सियासत हो रही है। जयपुर में प्रदेश के मुख्यमंत्री भजन लाल के निर्वाचन क्षेत्र में लोक देवता वीर तेजाजी मंदिर की मूर्ति खंडित करने के बाद उपजे जन - आक्रोश के पश्चात तेजा भक्तों पर लाठीचार्ज करने वाली जयपुर पुलिस आयुक्तालय पूर्व की टीम को भाजपा के इशारे पर भाजपा नेता द्वारा कार्यक्रम आयोजित करवाके सम्मानित करवाया गया। पूरे मामले में जब सरकार के मंत्रियों ने पुलिस अफसरों के साथ बैठकर बात कर ली तो उसके बाद षड्यंत्र के तहत दर्ज मुकदमों में युवाओं की गिरफ्तारी करने का स्टेटमेंट देने वाली जयपुर पुलिस ईस्ट टीम कौनसी उपलब्धि को लेकर सम्मानित हो रही ? बेनीवाल ने कहा जिस पेट्रोल पंप संचालक द्वारा मुकदमा दर्ज करवाया गया उसके द्वारा ही पुलिस को सम्मानित करना और विस्तृत बातचीत के बाद भी पुलिस द्वारा तेजा भक्तों को गिरफ्तार करने की धमकी देना यह इंगित करता है कि एक षड्यंत्र के तहत यह अशोभनीय कार्य किसी ने किसी के द्वारा करवाया गया। अन्यथा एक असामाजिक तत्व की इतनी हिमाकत नहीं हो सकती कि वो लाखों -करोड़ों के आराध्य देव वीर तेजाजी महाराज की मूर्ति खंडित करने की हिमाकत करें।
हनुमान बेनीवाल ने कहा- जयपुर पुलिस ईस्ट टीम कौन सी उपलब्धि को लेकर हो रही सम्मानित
बेनीवाल ने कहा बेहतर यह होता कि पुलिस इस मामले में षडयंत्र करने वालों का भी पता लगाती,आरोपी यदि पुलिस के पूछताछ में सच्चाई नहीं बताता तो उसका नार्को टेस्ट करवाती लेकिन पुलिस आज सत्ता धारी दल के नेताओं से खुद का सम्मान समारोह करवा रही है। पुलिस द्वारा खुद की पीठ थपथपाना और सरकार के मंत्रियों के साथ हुई वार्ता से पुलिस द्वारा पलट जाना यह साबित करता है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री की भावना राज्य की किसान कौम के खिलाफ है। मंदिर में मूर्ति खंडित होने के बाद पुनः जीर्णोद्धार हुए बिना तथा मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हुए बिना पुलिस द्वारा खुद को सम्मानित करवाने का यह नाटकीय घटनाक्रम पुलिस की जिम्मेदारी के साथ राजस्थान सरकार की कथनी और करनी में अंतर को दर्शाता है।
तेजाजी की मूर्ति तोड़ने पर गरमाई सियासत
आपको बता दें की मूर्ति खंडित करने के मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी आक्रोश जताया था। गहलोत ने इस घटना को नंदनीय बताते हुए कहा था कि यह सिर्फ मूर्ति नहीं, यह हमारी आस्था और विरासत पर हमला है। यह जन-आस्था के साथ खिलवाड़ है और आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की थी। वहीं इस मामले में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा था पहले तेजाजी का अपमान, फिर तेजा भक्तों पर लाठी क्या यही है भाजपा सरकार की परिपाटी? भाजपा सरकार को चाहिए था कि वो तेजाजी महाराज की मूर्ति खंडित करने के बाद उत्पन्न हुए जन-आक्रोश को समझें, लेकिन किसान कौम विरोधी भाजपा सरकार ने उल्टा तेजा भक्तों पर लाठियां चलाई, उन्हें हिरासत में लिया और कानून व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास किया जो पूरी तरह निंदनीय है। इस पूरे मामले में आरोपी सिद्धार्थ सिंह ने दावा किया है कि वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, जिसके चलते मानसिक रूप से परेशान था। घटना के समय आरोपी नशे में धुत था और गुस्से में आकर उसने मंदिर की मूर्ति खंडित कर दी। जिसके बाद में पुलिस टीम का सम्मान हुआ और इस मामले ने एक नया मोड़ ले लिया।