प्रदेश में सुचारू रहीं स्वास्थ्य सेवाएं, 20 हजार मरीजों को मिला उपचार
राजधानी जयपुर सहित पूरे राजस्थान में मंगलवार को स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं। निजी अस्पतालों द्वारा हड़ताल की घोषणा के बावजूद राज्य सरकार की सक्रियता और प्रभावी प्रबंधन के चलते मरीजों को किसी प्रकार की बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
20 हजार मरीजों ने लिया उपचार
राज्य सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं—
- मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना
- आरजीएचएस योजना
के अंतर्गत करीब 20 हजार मरीजों ने उपचार प्राप्त किया।
इसमें:
- लगभग 11 हजार मरीजों ने आरजीएचएस योजना के तहत इलाज कराया
- करीब 9 हजार मरीजों ने मा योजना के अंतर्गत उपचार लिया
ओपीडी और आईपीडी सेवाएं रहीं सक्रिय
अधिकारियों के अनुसार:
- आरजीएचएस योजना में लगभग 10 हजार मरीजों ने ओपीडी में उपचार लिया
- करीब 1 हजार मरीजों ने आईपीडी एवं डे केयर सेवाओं का लाभ उठाया
वहीं, मा योजना के तहत:
- करीब 3 हजार मरीजों ने निजी अस्पतालों में
- और 6 हजार मरीजों ने सरकारी अस्पतालों में इलाज कराया
हड़ताल के बावजूद जारी रहीं सेवाएं
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि एक निजी अस्पताल संचालक की गिरफ्तारी के विरोध में हड़ताल की घोषणा की गई थी।
इसके बावजूद:
- अधिकांश निजी अस्पतालों ने इमरजेंसी सेवाएं जारी रखीं
- सरकारी अस्पतालों को अतिरिक्त तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए
- मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर इलाज उपलब्ध कराया गया
विशेषज्ञ सेवाओं में भी मिला उपचार
माँ योजना के अंतर्गत विभिन्न विशेषज्ञताओं में करीब 5 हजार उपचार दर्ज किए गए, जिनमें शामिल हैं:
- जनरल मेडिसिन
- नेफ्रोलॉजी
- मेडिकल ऑन्कोलॉजी
- स्त्री एवं प्रसूति रोग
- आर्थोपेडिक्स
- बाल चिकित्सा
- जनरल सर्जरी
- इमरजेंसी सेवाएं
- नवजात देखभाल
- यूरोलॉजी
सरकार की अपील
राज्य सरकार ने सभी निजी अस्पतालों से अपील की है कि वे मानव सेवा और जीवन रक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रखें।
निष्कर्ष
निजी अस्पतालों की हड़ताल जैसी चुनौतीपूर्ण स्थिति के बावजूद राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं का सुचारू संचालन राज्य सरकार की प्रभावी व्यवस्था और निगरानी को दर्शाता है।
करीब 20 हजार मरीजों को उपचार मिलना इस बात का प्रमाण है कि स्वास्थ्य तंत्र ने संकट की स्थिति में भी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई।
Golden Hind Desk