क्या इंडिगो ने नियमों को जानबूझकर टाला? DGCA समिति कर रही है गहन समीक्षा

Indigo Crisis: क्या एयरलाइन ने खुद पैदा किया ऑपरेशन का संकट? सरकार ने शुरू की कड़ी जांच

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IndiGo Crisis: क्या लापरवाही या रणनीति? DGCA की सख्त जांच, CEO–COO हो सकते हैं तलब

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo इन दिनों सवालों के घेरे में है। नए Flight Duty Time Limitation (FDTL) नियमों को लागू करने में कथित देरी और लापरवाही के आरोपों के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने व्यापक जांच शुरू कर दी है। कई विशेषज्ञ इसे देश की एविएशन इंडस्ट्री में “सबसे बड़ा ऑपरेशनल क्राइसिस” भी बता रहे हैं।


क्या जानबूझकर पैदा हुआ IndiGo संकट?

सरकार के सूत्रों के अनुसार, एयरलाइन ने 1 नवंबर से लागू होने वाले FDTL नियमों की तैयारी बेहतर बनाने के बजाय लगातार ढील और छूट मांगने में समय लगाया। परिणाम—
✔ बड़े पैमाने पर उड़ानों की देरी
✔ सैकड़ों उड़ानों का रद्द होना
✔ यात्रियों में भारी नाराज़गी


CEO–COO को नोटिस, DGCA आज तलब कर सकता है

सूत्रों के मुताबिक DGCA की चार सदस्यीय समिति बुधवार को
● CEO Peter Elbers
● COO Isidre Porqueras

को तलब कर सकती है।

जांच में DGCA यह पता लगाएगा कि—

  • क्या एयरलाइन जानबूझकर नियम लागू करने से बच रही थी?

  • क्या रात में लैंडिंग से जुड़े नियमों को टालने की कोशिश हुई?

  • क्या समय रहते क्रू डिप्लॉयमेंट की तैयारी नहीं की गई?


क्रू रोस्टरिंग सॉफ्टवेयर अपडेट में देरी पर भी सवाल

नए FDTL नियम लागू करने के लिए Jeppesen Crew Rostering Software का अपडेट ज़रूरी था।
जांच में शक है कि एयरलाइन इस अपडेट को इसलिए टालती रही ताकि उसे राहत मिल सके।
IndiGo ने इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।


DGCA की भूमिका भी जांच के घेरे में

सरकारी अधिकारियों के अनुसार:

  • कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि नई व्यवस्था को समय पर लागू किया जाए।

  • बाकी एयरलाइनों ने तैयारी रिपोर्ट जमा कर दी, लेकिन IndiGo ने ऐसा नहीं किया।

  • DGCA ने छूट संबंधी IndiGo के अनुरोधों पर क्या रवैया अपनाया, यह भी जांच का हिस्सा है।


रोस्टर जारी करने में गड़बड़ी

IndiGo आमतौर पर हर महीने की 25 तारीख को रोस्टर जारी करता है, लेकिन—

  • नवंबर का पहला हिस्सा 29 अक्टूबर को,

  • दूसरा हिस्सा 13–14 नवंबर को जारी किया गया।

  • दिसंबर में भी यही स्थिति दोहराई गई।

एयरलाइन अब शॉर्ट-टर्म रोस्टर जारी कर रही है, जो मार्च 2026 तक जारी रह सकता है।


पायलट बोले—नियम सुरक्षा के लिए ज़रूरी

पायलटों ने स्पष्ट कहा कि—

  • FDTL नियम उड़ान सुरक्षा से जुड़े हैं,

  • इनमें छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए,

  • अतिरिक्त आराम के बदले पेड लीव काटना नियम की भावना के खिलाफ है।


IndiGo का दावा—75% उड़ानें बहाल

एयरलाइन ने बताया कि—

  • 75% ऑपरेशंस बहाल कर दिए गए हैं (1650 उड़ानें प्रतिदिन)

  • सामान्य औसत 2200 उड़ानें है

  • 10 दिसंबर तक स्थिति सामान्य हो जाएगी

  • अब तक ₹800 करोड़ से अधिक का रिफंड यात्रियों को दिया गया है


सरकार का सख्त रुख

केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा—

  • “IndiGo के पास पर्याप्त समय था, फिर भी नियमों का पालन नहीं किया गया।”

  • एयरलाइन के सीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

  • प्रबंधन को जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है।


क्या आगे और कार्रवाई हो सकती है?

विशेषज्ञों के अनुसार—

  • DGCA कड़े दंडात्मक कदम उठा सकती है

  • एयरलाइन से संचालन सुधार का विस्तृत रोडमैप भी मांगा जा सकता है

  • CEO और COO से पूछताछ के बाद कई नई जानकारियाँ सामने आने की संभावना है