कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री भरत सिंह कुंदनपुर का सोमवार की रात SMS हॉस्पिटल में निधन हो गया | भरत सिंह कुछ दिनों से बीमार थे और उनका इलाज़ SMS हॉस्पिटल में चल रहा था | कांग्रेस देहात जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार मंगलवार दोपहर को उनके पैतृक गांव कुंदनपुर में किया जाएगा। भरत सिंह अपनी सादगी और सरल स्वभाव के लिए जाने जाते थे | भरत सिंह पहले खानपुर से, फिर दीगोद से, और दो बार सांगोद विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके थे | उन्होंने राजनीति की शुरुआत एक सरपंच के रूप में की और पंचायतीराज मंत्री तक पहुंचे। वे हमेशा आम लोगों के बीच रहना पसंद करते थे इसलिए उन्होंने बाद में पंच का चुनाव लड़ा और जीतकर जनता की सेवा जारी रखी। 2023 में उन्होंने विधानसभा चुनाव न लड़ने का ऐलान किया था। अपने आखिरी पत्र में जनता, समर्थकों और आलोचकों का धन्यवाद करते हुए राजनीति से संन्यास की घोषणा की और कहा कि अब वरिष्ठ नेताओं को युवाओं को मौका देना चाहिए।
पूर्व मंत्री भरत सिंह कुंदनपुर का निधन !
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री भरत सिंह कुंदनपुर का सोमवार की रात SMS हॉस्पिटल में निधन हो गया
Related News
झोटवाड़ा के हर नागरिक की समस्या मेरी अपनी है: राज्यवर्धन राठौड़
झोटवाड़ा के हर नागरिक की समस्या मेरी अपनी है: कर्नल राज्यवर्धन राठौड़
जयपुर : झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि झोटवाड़ा के हर नागरिक की समस्या मेरी अपनी है और उसका समाधान कराना मेरी जिम्मेदारी है। इसी भावना के साथ मंगलवार, 21 अप्रैल को उनके निवास पर जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में झोटवाड़ा क्षेत्र के नागरिकों, ग्रामीणों, सामाजिक प्रतिनिधियों और व्यापार मंडल के सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने अपनी समस्याएं, सुझाव और क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दे खुलकर मंत्री के सामने रखे।
जनसंवाद कार्यक्रम का माहौल बेहद आत्मीय, सकारात्मक और भरोसे से भरा नजर आया। क्षेत्र के लोगों ने एक-एक कर अपनी समस्याएं रखीं, जिन्हें राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने गंभीरता से सुना। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति की बात धैर्यपूर्वक सुनी और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। लोगों ने कहा कि पहली बार उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जा रहा है और समाधान की दिशा में तुरंत कदम उठाए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में सड़क, पानी, बिजली, सीवरेज, सफाई, यातायात व्यवस्था, पार्कों के विकास, स्ट्रीट लाइट, स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रशासनिक सेवाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए गए। क्षेत्रवासियों ने झोटवाड़ा के तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार के अनुरूप आधारभूत सुविधाओं को और मजबूत करने की मांग रखी। इस पर मंत्री ने भरोसा दिलाया कि झोटवाड़ा को आधुनिक और व्यवस्थित विधानसभा क्षेत्र बनाने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं और आने वाले समय में कई नई योजनाओं पर काम होगा।
जनसंवाद में ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं में हुए सुधार पर खुशी व्यक्त की। ग्राम पंचायतों से पहुंचे नागरिकों ने गांवों में नए डॉक्टरों की नियुक्ति पर संतोष जताते हुए मंत्री का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि पहले छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए शहर जाना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों खर्च होते थे। अब गांवों में ही डॉक्टर उपलब्ध होने से उन्हें बड़ी राहत मिली है।
ग्रामीणों ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का गांव तक पहुंचना एक बड़ी उपलब्धि है और इससे आमजन का जीवन आसान हुआ है। इस अवसर पर राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि गांव और शहर के बीच सुविधाओं का अंतर कम करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जब तक अंतिम व्यक्ति तक मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंचतीं, तब तक विकास अधूरा है।
कार्यक्रम के दौरान कई बार ऐसा भी देखने को मिला जब मंत्री ने अधिकारियों को तुरंत फोन लगाकर मौके पर ही समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। ग्रामीण इलाकों से आए लोगों ने जब पानी, सड़क और प्रशासनिक कार्यों में देरी की शिकायत की तो उन्होंने संबंधित अधिकारियों से तुरंत बात कर समाधान सुनिश्चित करने को कहा। इससे कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच विश्वास और उत्साह का माहौल बन गया।
राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि जनसंवाद केवल शिकायत सुनने का मंच नहीं, बल्कि जनता और जनप्रतिनिधि के बीच भरोसे का सेतु है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता की आवाज में है और जब जनता सीधे अपनी बात कहती है तो शासन-प्रशासन को सही दिशा मिलती है। ऐसे कार्यक्रमों से न केवल समस्याओं का समाधान होता है बल्कि लोगों का विश्वास भी मजबूत होता है।
उन्होंने कहा कि झोटवाड़ा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए वे निरंतर प्रयासरत हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, उद्योग, सड़क नेटवर्क, पेयजल और स्वच्छता जैसे क्षेत्रों में तेजी से काम किया जाएगा। साथ ही युवाओं, महिलाओं और व्यापारियों के लिए भी नई योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे क्षेत्र के विकास में सहभागी बनें और अपने सुझाव लगातार देते रहें।
जनसुनवाई कार्यक्रम में सिरसी व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। व्यापार मंडल के सदस्यों ने क्षेत्र में व्यापारिक सुविधाओं, ट्रैफिक प्रबंधन और बाजारों के विकास को लेकर सुझाव दिए। साथ ही उन्होंने पूर्व में हुई समस्याओं के समाधान पर मंत्री का धन्यवाद व्यक्त किया। व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने कहा कि मंत्री ने हमेशा व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से लिया है और समय पर राहत पहुंचाने का काम किया है।
कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने भी सुरक्षा, पेयजल, सफाई और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दे रखे। युवाओं ने खेल मैदान, रोजगार अवसर, कौशल विकास केंद्र और बेहतर ट्रांसपोर्ट व्यवस्था की मांग रखी। मंत्री ने सभी सुझावों को नोट कराया और कहा कि क्षेत्र के विकास में हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है।
जनसंवाद कार्यक्रम के अंत में लोगों के चेहरों पर उम्मीद और विश्वास साफ दिखाई दिया। नागरिकों ने कहा कि समस्याओं को लेकर सीधे जनप्रतिनिधि तक पहुंचना और तत्काल सुनवाई होना उनके लिए सकारात्मक अनुभव रहा। कई लोगों ने माना कि ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से होने चाहिए ताकि आमजन और प्रशासन के बीच दूरी कम हो सके।
यह कार्यक्रम केवल समस्याओं के समाधान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जनता और जनप्रतिनिधि के बीच मजबूत रिश्ते का प्रतीक बनकर सामने आया। झोटवाड़ा क्षेत्र में जनसंवाद ने एक नई उम्मीद जगाई है कि संवाद, संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई से विकास की राह और आसान हो सकती है।
अंत में राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने दोहराया कि झोटवाड़ा का हर नागरिक उनके परिवार का हिस्सा है और हर व्यक्ति की समस्या का समाधान कराना उनका कर्तव्य है। उन्होंने आश्वासन दिया कि क्षेत्र के विकास और जनता की सुविधा के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 पर पहुंचे मुख्यमंत्री, फोन पर सुनी आमजन की समस्याएं
भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्वयं फोन पर आम नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री का यह कदम राज्य सरकार की जनसुनवाई व्यवस्था को और अधिक मजबूत और जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फोन पर सुनी आमजन की समस्याएंनिरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन पर आए कॉल्स को खुद रिसीव कर परिवादियों से सीधे बात की। इस दौरान कई लोगों ने अपनी समस्याएं साझा कीं, जिनका मौके पर ही समाधान कराया गया।
चूरू निवासी एक परिवादी ने 10 वर्ष पुरानी मतदाता सूची उपलब्ध नहीं होने के कारण मूल निवास प्रमाण-पत्र जारी नहीं हो पाने की समस्या बताई। मुख्यमंत्री के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित विभाग ने आवेदन को पुनः प्रक्रिया में लेकर प्रमाण-पत्र जारी कर दिया।
LPG डिलीवरी की शिकायत का तुरंत समाधानइसी तरह जयपुर निवासी एक महिला ने एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी में देरी की शिकायत दर्ज कराई। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की।
फोन पर मुख्यमंत्री की आवाज सुनकर परिवादी आश्चर्यचकित रह गए और उन्होंने त्वरित समाधान के लिए संतोष व्यक्त किया।
त्वरित निस्तारण पर दिया जोरमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध, पारदर्शी और समाधान केंद्रित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़े।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों पर विभागीय जवाब संक्षिप्त और परिणाममुखी होना चाहिए, जिससे आमजन को स्पष्ट समाधान मिल सके।
नागरिक संतुष्टि को बनाया प्रमुख मापदंडमुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन के विभिन्न सेक्शनों का निरीक्षण करते हुए शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया, संतुष्टि दर और कार्य प्रणाली की जानकारी ली।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नागरिकों की संतुष्टि ही सरकार के कामकाज का सबसे बड़ा मापदंड होना चाहिए। हर शिकायत का निस्तारण इस तरह किया जाए कि परिवादी पूरी तरह संतुष्ट हो।
परफॉर्मेंस मॉनिटरिंग के निर्देशमुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन सेंटर पर कार्यरत कर्मचारियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि नियमित मॉनिटरिंग से कार्यक्षमता में सुधार आएगा और सेवा गुणवत्ता बेहतर होगी।
इसके साथ ही उन्होंने संतुष्टि दर में लगातार सुधार सुनिश्चित करने के लिए ठोस रणनीति अपनाने पर जोर दिया।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर फोकसमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि हर नागरिक को पारदर्शी और जवाबदेह शासन मिले। शिकायत निस्तारण में संवेदनशीलता और ईमानदारी बेहद जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर स्तर पर पारदर्शिता बनाए रखते हुए काम किया जाए, ताकि लोगों का सरकार पर विश्वास और मजबूत हो सके।
निष्कर्षभजनलाल शर्मा का राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 पर जाकर स्वयं शिकायतें सुनना यह दर्शाता है कि राज्य सरकार आमजन की समस्याओं को लेकर कितनी गंभीर है।
इस पहल से न केवल शिकायत निस्तारण प्रणाली मजबूत होगी, बल्कि नागरिकों का भरोसा भी सरकार पर और बढ़ेगा। आने वाले समय में यह व्यवस्था सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकती है।
गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने किए खाटू श्याम मंदिर के दर्शन, प्रदेश में खुशहाली की कामना
राजस्थान की धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्रों में शामिल खाटू श्याम मंदिर में मंगलवार को विशेष धार्मिक वातावरण देखने को मिला, जब प्रदेश के गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने बाबा श्याम के दरबार में पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने मंदिर में शीश नवाकर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
खाटूधाम में हर दिन देशभर से हजारों श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन जब कोई जनप्रतिनिधि या मंत्री यहां दर्शन करने आता है, तो यह धार्मिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। गृह राज्यमंत्री का यह दौरा भी इसी कड़ी में खास रहा, जहां उन्होंने न केवल पूजा-अर्चना की बल्कि प्रदेशवासियों के लिए मंगलकामनाएं भी कीं।
विधिवत पूजा-अर्चना और आस्था का प्रदर्शनगृह राज्यमंत्री बेढ़म ने मंदिर परिसर में पहुंचते ही बाबा श्याम की चौखट पर माथा टेका और विशेष पूजा-अर्चना की। मंदिर के पुजारियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न कराई गई। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में शांति, कानून व्यवस्था की मजबूती और नागरिकों के कल्याण की कामना की।
उन्होंने कहा कि खाटूश्यामजी में आस्था रखने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं इस मंदिर से जुड़ी हुई हैं और यहां आकर हर व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की तरक्की और खुशहाली के लिए सकारात्मक ऊर्जा का होना बेहद जरूरी है, जो ऐसे धार्मिक स्थलों से प्राप्त होती है।
सेवक परिवार ने किया सम्मानदर्शन और पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के सेवक परिवार की ओर से गृह राज्यमंत्री का सम्मान किया गया। इस अवसर पर श्री प्रताप सिंह चौहान और श्री दिग्विजय सिंह चौहान ने उन्हें श्याम दुपट्टा ओढ़ाकर तथा प्रतीक चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया।
यह सम्मान केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि मंदिर से जुड़े लोगों की ओर से उनके प्रति श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक था। इस दौरान मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने भी मंत्री का स्वागत किया और उनके साथ बातचीत की।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगीइस धार्मिक कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी मौजूद रहे। विशेष रूप से खंडेला विधायक सुभाष मील की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। उनके साथ अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
सभी ने मिलकर बाबा श्याम के दर्शन किए और प्रदेश की उन्नति के लिए प्रार्थना की। इस तरह के आयोजनों से न केवल धार्मिक भावनाओं को बल मिलता है बल्कि जनप्रतिनिधियों और आम जनता के बीच संबंध भी मजबूत होते हैं।
खाटूधाम की धार्मिक महत्तासीकर जिले में स्थित खाटूधाम देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। यहां विराजमान बाबा श्याम को भगवान श्रीकृष्ण का अवतार माना जाता है और उन्हें कलियुग का देवता भी कहा जाता है। हर साल फाल्गुन मेले के दौरान यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
माना जाता है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना बाबा श्याम अवश्य पूरी करते हैं, यही कारण है कि यहां आने वाले भक्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। खाटूश्यामजी मंदिर केवल राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे देश में आस्था का बड़ा केंद्र है।
धार्मिक पर्यटन को मिल रहा बढ़ावाराजस्थान सरकार द्वारा भी खाटूधाम सहित अन्य धार्मिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बेहतर सड़क, यातायात और सुविधाओं के विस्तार के कारण यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है।
गृह राज्यमंत्री का यह दौरा भी इसी दिशा में एक सकारात्मक संदेश देता है कि सरकार धार्मिक स्थलों के महत्व को समझती है और उनके विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
जनता के लिए संदेशअपने दौरे के दौरान गृह राज्यमंत्री बेढ़म ने प्रदेशवासियों को संदेश देते हुए कहा कि सभी को मिलकर राज्य के विकास और खुशहाली के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि बाबा श्याम की कृपा से राजस्थान निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ेगा।
निष्कर्षगृह राज्यमंत्री का खाटूश्यामजी दौरा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि यह प्रदेश की खुशहाली और विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। बाबा श्याम के दरबार में की गई प्रार्थना और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे का बड़ा बयान: महिलाएं सबला, कौशल विकास से मिलेगा सशक्तिकरण
राजस्थान के राज्यपाल Haribhau Bagde ने कहा कि महिलाएं किसी भी चुनौती को पार कर सकती हैं और असंभव को भी संभव बना सकती हैं। उन्होंने महिलाओं के कौशल विकास और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
राज्यपाल जयपुर में आयोजित कला संगम भगिनी फाउंडेशन के अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि महिलाएं अबला नहीं, बल्कि सबला हैं और समाज के हर क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं।
महिला सशक्तीकरण की प्रेरणादायक मिसालेंराज्यपाल ने अपने संबोधन में Savitribai Phule, Ahilyabai Holkar और Rani Lakshmibai के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन महान महिलाओं ने समाज सुधार, शिक्षा और वीरता के क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान दिया है।
उन्होंने बताया कि सावित्रीबाई फुले ने अपने पति ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर पुणे में लड़कियों के लिए देश का पहला स्कूल खोला था, जबकि अहिल्याबाई होलकर ने सामाजिक उत्थान और सांस्कृतिक पुनर्जागरण में अहम भूमिका निभाई। वहीं, रानी लक्ष्मीबाई ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अद्वितीय साहस और वीरता का परिचय दिया।
कला-संस्कृति संरक्षण और कौशल विकास पर जोरराज्यपाल ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी कला और संस्कृति के संरक्षण में बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि महिलाओं के विकास, जीवन कौशल और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए मिलकर कार्य किया जाए।
महिलाओं के लिए अवसर बढ़ाने की आवश्यकताउन्होंने कहा कि महिलाएं हर चुनौती का सामना बेहतर ढंग से करती हैं, इसलिए समाज में उनके लिए अवसरों का विस्तार करना बेहद जरूरी है। इससे न केवल महिलाओं का सशक्तिकरण होगा, बल्कि समाज का समग्र विकास भी संभव हो सकेगा।
पुस्तिका का विमोचनकार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने कला संगम फाउंडेशन द्वारा प्रकाशित पुस्तिका का विमोचन भी किया।
राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान शुरू, 15 मई तक चलेगा
मुख्यमंत्री विकसित ग्राम और शहरी वार्ड अभियान से आमजन को मिलेगा सम्बल, 15 मई तक चलेगा अभियान
राजस्थान में विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में ‘मुख्यमंत्री विकसित ग्राम, शहरी वार्ड अभियान’ शुरू किया गया है। यह अभियान 19 मार्च से प्रारंभ होकर 15 मई 2026 तक संचालित होगा। इसका मुख्य लक्ष्य ‘विकसित राजस्थान @2047’ के विजन को साकार करना है।
ग्राम स्तर पर तैयार होगा विकास का मास्टर प्लानअभियान के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक तैयारी की गई है। बीडीओ, पटवारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी, राजीविका और अन्य फील्ड कार्मिकों को पहले ही प्रशिक्षण दिया गया, ताकि वे विजन 2047 के अनुरूप योजनाओं को धरातल पर उतार सकें।
जिले में सीईओ जिला परिषद को नोडल अधिकारी तथा पंचायत समिति स्तर पर एसडीएम और बीडीओ को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रत्येक 4-5 ग्राम पंचायतों के समूह पर क्लस्टर प्रभारी भी नियुक्त किए गए हैं।
ग्राम सभाओं में तय होगी विकास की दिशाअभियान के दौरान ग्राम सभा और वार्ड सभा में आमजन से सुझाव लिए जाएंगे, जिन्हें पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इन्हीं सुझावों के आधार पर ग्राम पंचायतों और वार्डों का मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा।
30 अप्रैल 2026 तक द्वितीय चरण की ग्राम सभाएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें एसडीएम, तहसीलदार और अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे। इन बैठकों में वर्ष 2030 (अल्पकालीन), 2035 (मध्यकालीन) और 2047 (दीर्घकालीन) विकास योजनाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।
शहरी क्षेत्रों में भी बनेगा वार्ड-स्तरीय प्लान‘मुख्यमंत्री विकसित शहर अभियान’ के तहत सभी शहरी निकायों में वार्ड सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इन बैठकों के जरिए स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
यह कार्य राजस्थान इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफोर्मेशन एंड इनोवेशन (RITI) के माध्यम से किया जाएगा, जिससे जिला स्तर तक योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित हो सके।
विकसित भारत 2047 के विजन से जुड़ा अभियानयह अभियान नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन के अनुरूप है। इसका उद्देश्य गांव और शहर दोनों क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना, बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।
राजस्थान के लिए बड़े आर्थिक लक्ष्यमुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘विकसित राजस्थान @2047’ के तहत राज्य की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2028-29 तक 350 बिलियन डॉलर (करीब 30.28 लाख करोड़ रुपए) तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
इसके साथ ही कृषि, औद्योगिक निवेश, हरित ऊर्जा, पर्यटन और डिजिटल गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में तेजी से विकास करने का संकल्प लिया गया है।
जनभागीदारी से बनेगा विकसित राजस्थानइस अभियान की खास बात यह है कि इसमें ‘बॉटम-अप’ दृष्टिकोण अपनाया गया है, यानी विकास योजनाएं सीधे जनता के सुझावों के आधार पर तैयार की जाएंगी। इससे योजनाओं का लाभ सीधे आमजन तक पहुंचेगा और विकास अधिक प्रभावी होगा।